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नाहिद आफरीन को नहीं दिया गया कोई फतवा यह थी बस एक सलाह |

खबरे थी की नाहिद के गाना गाने को गैर इस्लामिक बताते हुए इस पर फतवा जारी किया गया है। 16 साल की नाहिद आफरीन 2015 में सिंगिंग के इंडियन आइडल शो में फर्स्ट रनरअप रही थी। दरअसल नाहिदा ने 25 तारीख को एक मस्जिद और एक कब्रिस्तान के आसपास के क्षेत्र में एक कार्यक्रम किया था। जिसके बाद उनके खिलाफ 42 मौलवियों ने फतवा जारी किया और पब्लिक में गाने पर रोक लगा दी।

पर जिस लेटर को दिखाया जा रहा है जिस पर 42  मौलानाओं के हस्ताक्षर हैं इस लेटर में कहीं भी इस बात का जीकर  नहीं है कि यह कोई फतवा है मीडिया में जब से यह मामला आया है हर कोई इसी बारे में बात कर रहा है|

इस लेटर में कहीं भीये नहीं लिखा की ये  कोई फतवा है मीडिया में जब से यह मामला आया है हर कोई इसी बारे में बात कर रहा है,जब से यह मामला प्रकाश में है  बड़े-बड़े पत्रकार से लेकर बड़े-बड़े न्यूज़ समाचार पत्र इस बात पर जोर दे रहे थे कि यह मुस्लिम कट्टरपंथियों  द्वारा मासूम सी लड़की पर हमला है पर हम आपको यह साफ कर देना चाहते हैं कि यह कोई हमला नहीं था यह बस एक सलाह थी जो कि कुछ मौलानाओं ने इस लड़की को दी थी, पर हम इसके सपोर्ट में नहीं है कि जिस तरह से यह मौलाना मुस्लिम महिलाओं को नाचने गाने और खेल कूदने से मना कर रहे हैं|

पिछले 1 हफ्ते से सारे बड़े से बड़े मीडिया चैनल और बड़े से बड़े पत्रकार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लड़की को धमकाया जा रहा है पर इन बड़े से बड़े मीडिया एडिटर ने एक बार भी इस लेटर को पूरा पढ़ा नहीं इस लेटर में कहीं भी फतवे का जी कर नहीं है यह बस एक सलाह है|

बतादे आज  मीडिया में टीआरपी बढ़ाने के लिए किस तरह से छोटी सी छोटी बात को बड़ा चढ़ा कर लिखा जाता है यह एक उदाहरण है बिना सोचे समझे किसी भी खबर को छाप देना जवाब देने का|

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